



नवगछिया स्थित बीएलएस कॉलेज के एनएसएस वोलेंटियरों को सात दिनों का युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण एनडीआरएफ, भागलपुर में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में टीएनबीयू के 300 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। बीएलएस कॉलेज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं ने प्रशिक्षण में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसमें मंदीप कुमार का नाम टॉप 10 में शामिल हुआ। महाविद्यालय की छात्राओं आराधना, दृष्टि, मेहरून निशा, नेहा और सृष्टि ने भी प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट योगदान दिया और सभी पर प्रशिक्षकों ने अपनी प्रशंसा व्यक्त की।

प्रशिक्षण के दौरान आपदा बचाव से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसमें बाढ़, भूकंप, वज्रपात, आग, सड़क दुर्घटना, लू और शीतलहर जैसी विभिन्न आपदाओं से कैसे बचाव किया जा सकता है, इसके साथ ही प्रभावित लोगों की सहायता कैसे की जा सकती है, इस पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्राथमिक चिकित्सा के बारे में भी विशेष तौर पर शिक्षण दिया गया, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में स्वयंसेवक तुरंत मदद कर सकें।

सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ-साथ आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक अभ्यास के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया। इसमें प्रशिक्षार्थियों ने विभिन्न आपदा परिस्थितियों को सिमुलेट करके अभ्यास किया, ताकि वास्तविक स्थिति में वे त्वरित और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया कर सकें।
बीएलएस कॉलेज के एनएसएस प्रकोष्ठ के संयोजक ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल छात्रों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और आपदा प्रबंधन में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में हिस्सा लेने वाले छात्र-छात्राओं का अनुभव भविष्य में आपदा के समय गांव और समुदाय के लोगों की मदद करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीएलएस कॉलेज और एनडीआरएफ के बीच सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है, जिसने युवा स्वयंसेवकों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और तत्परता बढ़ाई है।













