



नवगछिया। नवगछिया व्यवहार न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के दौरान पुलिस जवानों की ड्यूटी में लापरवाही सामने आई है। यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी का ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था का विशेष निरीक्षण किया जा रहा था।
मुख्यालय डीएसपी मनोज कुमार सुमन और मेजर हिमांशु कुमार रवि पुलिस पदाधिकारी के साथ नवगछिया कोर्ट परिसर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आधार कार्ड सेंटर की ओर से कोर्ट में प्रवेश करने वाले द्वार पर केवल एक महिला पुलिस जवान तैनात थी, जो बेंच पर बैठकर मोबाइल फोन देख रही थी। जबकि वहां कुल तीन पुलिस जवान तैनात थे। पूछताछ में महिला पुलिस जवान ने बताया कि बाकी दो जवान निजी काम से थोड़ी देर पहले बाहर गए थे।

इसी प्रकार, एसीजेम कोर्ट द्वितीय भवन के पास भी एक पुलिस जवान चबूतरे पर बैठकर मोबाइल देख रहे थे। दोनों मामलों में डीएसपी मुख्यालय ने जवानों से “ड्यूटी के समय मोबाइल क्यों देख रहे हैं?” पूछताछ की।
डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में तीन महिला पुलिस जवान और एक पुरुष पुलिस जवान सहित कुल चार जवानों पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।

सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस पदाधिकारी ने कोर्ट भवन, कार्यालय भवन और अन्य स्थानों पर मेटल डिटेक्टर से पूरी जांच कराई। हालांकि किसी भी स्थान से कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। सुरक्षा व्यवस्था के तहत आम लोगों के लिए न्यायालय परिसर में प्रवेश अस्थायी रूप से बंद किया गया था, जिससे कोर्ट की सुनवाई भी प्रभावित रही।
नवगछिया के पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भागलपुर कोर्ट से सूचना मिली थी कि वहां कोर्ट परिसर में बम रखा गया है। सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और अतिरिक्त पुलिस पदाधिकारी एवं जवान तैनात किए गए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था का आडिट किया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो सुरक्षा बल बढ़ाया जाएगा।













