



भागलपुर। बिहार ग्रामीण बैंक एम्प्लाई एवं ऑफिसर फेडरेशन की भागलपुर इकाई ने बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया। यह हड़ताल ट्रेड यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत की गई, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य से विरत रहते हुए विरोध जताया।
हड़ताल के माध्यम से कर्मचारियों ने फाइव डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, आईपीओ प्रस्ताव को वापस लेने और सेवा शर्तों में सुधार जैसी प्रमुख मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार और बैंक प्रबंधन पर मांगों की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया।

इस आंदोलन को सफल बनाने में बिहार ग्रामीण बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष रामअवतार यादव और ऑफिसर फेडरेशन के अध्यक्ष तुलसी कुमार सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो चरणबद्ध आंदोलन और दिल्ली मार्च किया जाएगा।
करीब 100 कर्मचारियों ने इस हड़ताल में भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में आकाश आनंद, रामअवतार यादव, राकेश कुमार, जय शेखर, राजीव कुमार, अनुज कुमार, पंकज कुमार, चंदन कुमार सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। सभी ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

फेडरेशन की ओर से कहा गया कि ग्रामीण बैंक कर्मचारी देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें लंबे समय से वेतन, पदोन्नति और कार्यदशाओं में बराबरी का हक नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही निजीकरण की कोशिशों को भी सिरे से खारिज किया गया।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा, हालांकि इस दौरान बैंकों का कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।













