



भागलपुर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को समीक्षा भवन में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्वेता कुमारी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के जिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने बताया कि भागलपुर जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में द्वितीय चरण में मतदान कराया जाएगा। इसके तहत 13 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी, जिस दिन से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर तय की गई है, जबकि 21 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 23 अक्टूबर तक नाम वापसी की जा सकेगी। 11 नवंबर को मतदान होगा और 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी। 16 नवंबर तक संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।

डीएम ने बताया कि भागलपुर जिले में कुल 22,18,492 मतदाता हैं, जिनमें 11,43,917 पुरुष, 10,74,488 महिला, 87 तृतीय लिंग, 21,749 दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) और 29,093 ऐसे मतदाता हैं, जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है। जिले में कुल 2,678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जो 1,295 भवनों में स्थित हैं। इनमें 398 एकल केंद्र भवन, 587 दोहरे केंद्र भवन, 178 तिहरे केंद्र भवन, 99 चार केंद्र भवन और 33 भवन ऐसे हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक मतदान केंद्र हैं।
डीएम ने जानकारी दी कि आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके पालन के लिए 72 एसएसटी (स्टैटिक सर्विलांस टीम), 23 एफएसटी (फ्लाइंग स्क्वॉड टीम), 7 वीवीटी (वॉइस वेरिफिकेशन टीम), 7 वीएसटी (वीडियो सर्विलांस टीम) और 301 सेक्टर पदाधिकारी तैनात किए गए हैं।
सरकारी संपत्ति से चुनाव प्रचार सामग्री (पोस्टर, बैनर, होर्डिंग आदि) को 24 घंटे के भीतर हटाया जाएगा। सार्वजनिक संपत्ति जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, खंभे आदि से 48 घंटे के भीतर और निजी संपत्ति से बिना अनुमति लगाए गए प्रचार सामग्री को 72 घंटे के भीतर हटवाया जाएगा।

डीएम ने बताया कि सुविधा की दृष्टि से कुल पांच डिस्पैच सेंटर बनाए गए हैं:
- 152-बिहपुर: इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय, तुलसीपुर
- 153-गोपालपुर: इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय, नवगछिया
- 154-पीरपैंती: लक्ष्मी नारायण उच्च विद्यालय, मलिकपुर, पीरपैंती
- 155-कहलगांव: इंटर स्तरीय शारदा पाठशाला, कहलगांव
- 156-भागलपुर और 158-नाथनगर: राजकीय पॉलिटेक्निक, बरारी
- 157-सुल्तानगंज: राजकीय महिला आईटीआई, भागलपुर
इसी प्रकार मतगणना केंद्र भी निर्धारित किए गए हैं। बिहपुर, गोपालपुर और सुल्तानगंज के लिए राजकीय महिला आईटीआई, भागलपुर को तथा पीरपैंती, कहलगांव, भागलपुर और नाथनगर के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक, बरारी को मतगणना केंद्र बनाया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस बार कई नवाचार किए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा करने की सुविधा
- हर 1200 मतदाताओं पर एक मतदान केंद्र
- वोटर सूचना पर्ची का वितरण
- मतदान केंद्र के 100 मीटर बाहर अभ्यर्थियों को बूथ बनाने की अनुमति
- ईवीएम पर अभ्यर्थियों की रंगीन फोटो
- सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था
डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे स्वयं ही अपने पार्टी से संबंधित पोस्टर, बैनर, झंडे आदि हटा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा हटाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
उन्होंने बताया कि संभावित अभ्यर्थियों का नाम अगर मतदाता सूची में नहीं है तो वे 10 अक्टूबर तक प्रपत्र-6 भरकर नाम दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, उन्होंने चुनाव प्रचार, रैली, लाउडस्पीकर उपयोग आदि के लिए पूर्व अनुमति लेने की बात दोहराई।
चुनावी खर्च को लेकर डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी द्वारा अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च की अनुमति है और हर प्रकार के खर्च को शैडो रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
अंत में, जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।















