



भागलपुर। बुनकर एकता और शहीदों की स्मृति को समर्पित 39वें बुनकर शहादत दिवस के अवसर पर भागलपुर के मदनानगर गोलंबर चौक के समीप चंपानगर में एक विशाल आम सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुनकर, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
सभा का मुख्य उद्देश्य शहीद बुनकरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ बुनकर समाज की ज्वलंत समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से रखना था। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनरों में शहीद शशि, जहांगीर एवं गंगा प्रसाद को अमर शहीद बताते हुए श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि बुनकर समाज ने देश की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है, लेकिन आज भी यह समाज उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से बुनकरों के हित में ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
सभा में बुनकरों की प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा गया। इनमें बुनकरों के लिए अलग पहचान और स्थायी रोजगार की व्यवस्था, बिजली बिल में रियायत, सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ, कच्चे माल की सुलभ उपलब्धता, हथकरघा उत्पादों को उचित बाजार एवं उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था प्रमुख रूप से शामिल रही। इसके साथ ही बुनकर बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास की मांग भी उठाई गई।

वक्ताओं ने कहा कि मशीनरीकरण और बाजार की उपेक्षा के कारण पारंपरिक बुनकरी आज गंभीर संकट से गुजर रही है। यदि समय रहते सरकार ने ठोस नीति नहीं बनाई, तो आने वाली पीढ़ियां इस समृद्ध विरासत से वंचित हो जाएंगी। उन्होंने यह भी मांग की कि बुनकरों के लिए अलग से प्रशिक्षण केंद्र, डिजाइन डेवलपमेंट एवं मार्केटिंग सपोर्ट की व्यवस्था की जाए, ताकि वे आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप अपने उत्पाद तैयार कर सकें।

कार्यक्रम के अंत में शहीद बुनकरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और बुनकर एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया गया। आयोजकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक बुनकरों को उनका अधिकार और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
यह आम सभा बुनकर समाज की एकजुटता और अधिकारों के लिए जारी आंदोलन की एक मजबूत कड़ी के रूप में देखी जा रही है।













