



भागलपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भागलपुर इकाई द्वारा आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के विरोध में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय स्टेडियम परिसर में पर्चा वितरण कर छात्रों को वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल और उस दौरान विद्यार्थी परिषद की भूमिका से अवगत कराया गया।
पर्चा वितरण के पश्चात विश्वविद्यालय स्टेडियम से परिसर तक मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस जुलूस के माध्यम से आपातकाल के दौरान लोकतंत्र का गला घोंटने वाली नीतियों और सरकारी दमन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश सह मंत्री कुणाल पाण्डेय ने कहा कि जेपी आंदोलन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर था, जिसमें विद्यार्थी परिषद ने अग्रणी भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और एबीवीपी सदैव देशहित में युवाओं को जागरूक करती रही है।

जिला संयोजक सूर्या प्रताप ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक गंभीर आघात था। उस कठिन समय में भी विद्यार्थी परिषद ने साहस के साथ आवाज उठाई और युवाओं को संगठित कर लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में अहम भूमिका निभाई। आज का मशाल जुलूस उसी चेतना और संघर्ष की स्मृति को जीवंत करने का प्रयास है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के इस अहम अध्याय से परिचित कराना और उन्हें राष्ट्रनिर्माण के प्रति जागरूक और प्रेरित करना था।
इस अवसर पर नगर मंत्री शिवसागर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमन राय, ऋषि, रोहित राज, हर्ष मिश्रा, प्रत्यूष राज, राजा यादव, प्रभाकर मंडल, प्रांजल बाजपेई, शिवम तिवारी, ऋषि महतो, आनंद, गोलू, अंकित, हिमांशु, नीतीश सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।













