0
(0)

भागलपुर। बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव अपने एक दिवसीय दौरे पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने उन्हें विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं, विकसित की गई आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित मंचीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर राज्य के कृषि विकास, किसानों की आय बढ़ाने तथा युवाओं को आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि से जोड़ने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं, अनुसंधान कार्यों, तकनीक हस्तांतरण और किसान-उन्मुख कार्यक्रमों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म “सफरनामा” का प्रदर्शन किया गया, जिसमें वर्ष 2010 से 2025 तक विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित सामाजिक सरोकारों पर आधारित फिल्म “नन्हीं उम्मीदें” का विधिवत विमोचन किया गया। साथ ही खजूर नीरा उत्पाद, राष्ट्रीय मृदा मानचित्र योजना, विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक एवं न्यूजलेटर का भी कृषि मंत्री के कर-कमलों से लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त अवनीश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल शिक्षा और शोध का केंद्र नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय कृषि विकास, किसानों के सशक्तिकरण और नवाचारों को धरातल पर उतारने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान माननीय कृषि मंत्री द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच कृषि से जुड़े उपादानों का वितरण किया गया, जिससे लाभार्थियों में विशेष उत्साह देखा गया।

अपने संबोधन में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि उन्हें बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर पर गर्व है। उन्होंने कहा कि यहां के वैज्ञानिकों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और शोध कार्यों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक जिस समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।

कृषि मंत्री ने आगे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के कृषि विकास और किसान समृद्धि से जुड़े सपनों को बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक और कर्मी साकार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय राज्य में कृषि नवाचार, तकनीक हस्तांतरण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: