



भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मधुरापुर गांव के दो मासूम बच्चे, 9 वर्षीय दिलशाद (पुत्र निसार अली) और 10 वर्षीय आरिफ (पुत्र खुर्शीद आलम), नारायणपुर गंगा घाट पर नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गए। दोनों को जीवित अवस्था में बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति और इलाज में हुई देरी से उनकी मौत हो गई।

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घाट के किनारे अवैध मिट्टी कटाई के कारण गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जो बच्चों की मौत का कारण बने।
घटना के विरोध में समाजसेवी अजय रविदास के नेतृत्व में लोगों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अजय रविदास ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चार मुख्य मांगें रखीं—दोषी अधिकारियों की बर्खास्तगी, मृतक परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा, अवैध मिट्टी व्यापारियों पर कड़ी कार्रवाई और गंगा घाट की समुचित सुरक्षा व्यवस्था।

अजय रविदास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जन आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल दो बच्चों की मौत नहीं, बल्कि प्रशासनिक असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।













