



नवगछिया : आर्मी जवान से 14.90 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस घटना का नवगछिया से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का शिकार हुए आर्मी जवान गोविंद कुमार द्वारा नवगछिया साइबर थाना में आवेदन दिया गया था, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

इस संबंध में साइबर डीएसपी सह नवगछिया साइबर थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि आवेदक का नवगछिया से कोई कनेक्शन नहीं है। आर्मी जवान गोविंद कुमार वर्तमान में जलंधर में ड्यूटी पर तैनात हैं और उनका पैतृक घर सासाराम में है।

पुलिस के अनुसार, आवेदक अपने परिवार को साइबर ठगी की जानकारी नहीं देना चाहता था, इसी कारण उसने अपने एक मित्र के माध्यम से नवगछिया साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन भिजवाया था। साइबर थाना द्वारा उसे निर्देश दिया गया था कि आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर स्वयं उपस्थित होकर प्राथमिकी दर्ज करानी होगी।

हालांकि, आवेदक ने पुलिस को बताया कि वह आर्मी में कार्यरत है और उसे छुट्टी नहीं मिल पा रही है, जिस कारण वह निर्धारित समय सीमा के भीतर नवगछिया साइबर थाना नहीं पहुंच सकता। इसके बाद उसे सलाह दी गई कि वह अपने नजदीकी साइबर थाना में आवेदन दर्ज कराए। इस पर आर्मी जवान ने जलंधर स्थित साइबर थाना में ही आवेदन देने की सहमति जताई है।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस साइबर ठगी मामले का नवगछिया से कोई संबंध नहीं है और आवेदक द्वारा अब संबंधित क्षेत्र के साइबर थाना में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














