



भागलपुर विधानसभा में भाजपा में बगावत
भागलपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा रोहित पांडे को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के अंदर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत चौबे ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। इससे भाजपा की आंतरिक राजनीति में हलचल मच गई है और भागलपुर सीट का चुनाव और भी रोचक हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, अर्जित शाश्वत चौबे के समर्थकों ने भागलपुर सदर अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय पहुंच कर उनका नाम निर्देशन पत्र (एनआर) कटवाया है। समर्थकों ने बताया कि अर्जित शाश्वत 17 अक्टूबर को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
इस घटनाक्रम से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा के भीतर भागलपुर सीट को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। अर्जित शाश्वत पहले भी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व द्वारा रोहित पांडे को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद नाराजगी सामने आई है।

भाजपा नेता अभिषेक आनंद ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और संगठन की मजबूती के आधार पर ही होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्थिति को संभाल लिया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि अर्जित शाश्वत चौबे के निर्दलीय मैदान में उतरने से भागलपुर सीट पर मुकाबला किस ओर रुख करता है और भाजपा को इसका क्या राजनीतिक नुकसान या असर झेलना पड़ता है।
















