


भागलपुर। पीरपैंती रेफरल अस्पताल में कार्यरत वैक्सीन कूरियर कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मियों के कार्य बहिष्कार से टीकाकरण व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हड़ताल के कारण वैक्सीन की आपूर्ति हेल्थ सब सेंटरों तक नहीं हो पा रही है, जिससे पूरे प्रखंड में टीकाकरण कार्य बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे वैक्सीन कूरियर कर्मी महेश पासवान ने बताया कि पिछले छह माह से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। अस्पताल प्रशासन हर महीने अगले माह भुगतान का आश्वासन देकर काम करवाता रहा, लेकिन अब तक बकाया राशि नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग उनके साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। न तो उन्हें 30 दिन का नियमित कार्य मिलता है और न ही 30 दिनों की मजदूरी का भुगतान किया जाता है।
हड़ताल में शामिल मो. नूर जमा आलम ने बताया कि वर्तमान में 10 किलोमीटर के अंदर वैक्सीन बॉक्स पहुंचाने पर मात्र 100 रुपये प्रतिदिन और 10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर 200 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है, जो अत्यंत कम है। उन्होंने बताया कि पीरपैंती प्रखंड में कुल 39 हेल्थ सब सेंटर हैं, जहां हर माह औसतन करीब 25 हजार लोगों को विभिन्न प्रकार के टीके लगाए जाते हैं। ऐसे में कूरियर कर्मियों की हड़ताल से हजारों लाभार्थियों को समय पर टीकाकरण नहीं मिल पाने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
कर्मियों ने बताया कि वर्ष 2005 में 15 वैक्सीन कूरियर कर्मियों की बहाली की गई थी। समय-समय पर मजदूरी बढ़ाने की घोषणा तो की गई, लेकिन बढ़ी हुई राशि का भुगतान आज तक नहीं किया गया। इसके साथ ही पूर्व का बकाया भुगतान भी लंबित है। कर्मियों की स्पष्ट मांग है कि उन्हें 30 दिन का नियमित कार्य, मजदूरी में वृद्धि और लंबित भुगतान अविलंब किया जाए, तभी वे हड़ताल समाप्त करेंगे।
इस मामले में प्रखंड अस्पताल प्रबंधक प्रणब कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल फंड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में ही फंड नहीं आया है, जैसे ही फंड प्राप्त होगा, वैक्सीन कूरियर कर्मियों का भुगतान कर दिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में नूर जमा आलम, सियानंद यादव, दिनकर कुमार, हरेंद्र कुमार पांडे, धीरज पांडे, महेश दास, धीरज मिश्रा, अजय भगत, पवन मिश्र, राजेश प्रसाद वर्मा सहित सभी वैक्सीन कूरियर कर्मी शामिल रहे।













