


भागलपुर। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय सड़क एवं बुनियादी ढांचा कोष (Central Road and Infrastructure Fund-CRIF) योजना के तहत बिहार सरकार द्वारा अनुशंसित 8 जिलों की कुल 10 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 675 करोड़ रुपये है।
इस संबंध में मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि भारत सरकार द्वारा इतनी बड़ी राशि की स्वीकृति देना प्रधानमंत्री के उस संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत बिहार को विकसित प्रदेशों की श्रेणी में शामिल किया जाना है। उन्होंने इस राशि की स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
भागलपुर जिले के लिए इस योजना के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। पहली परियोजना के तहत भागलपुर से गोराडीह (कोतवाली होते हुए) मार्ग के 17.14 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस पर 80 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दूसरी परियोजना के अंतर्गत भागलपुर–हंसडीहा मुख्य सड़क (राज्य राजमार्ग-19) को राष्ट्रीय राजमार्ग-80 से जोड़ने के लिए 4.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। इस कार्य पर 56.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस प्रकार दोनों परियोजनाओं पर कुल 136.70 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इन परियोजनाओं से भागलपुर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी। चौड़ी और मजबूत सड़कों से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी भी मिलेगी। गोराडीह और आसपास के किसानों के कृषि उत्पाद आसानी से बाज़ार तक पहुँच पाएंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। वहीं, हंसडीहा–भागलपुर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने से राज्य और अंतर्राज्यीय यातायात को गति मिलेगी, यात्रियों का समय बचेगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।
मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि भागलपुर जिले की ये दोनों परियोजनाएँ इलाके की आर्थिक उन्नति, व्यापार विस्तार और सामाजिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इन सड़कों के माध्यम से भागलपुर न केवल बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत में व्यापार और शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री के उस विजन को पूरा करने में सहायक होगी, जिसके तहत राज्य के किसी भी कोने से 4 घंटे में राजधानी तक पहुँचना संभव हो सकेगा। इन योजनाओं के पूरा होने से बिहार के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी, व्यापार और परिवहन की रफ्तार तेज होगी और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।
विदित हो कि राज्य सरकार ने इन परियोजनाओं को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को शीघ्र निविदा निकालने का निर्देश दिया है।












