



भागलपुर। जिले में शनिवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने स्नान-ध्यान कर घरों और मंदिरों में भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व अनंत चतुर्दशी या अनंत चौदस के नाम से प्रसिद्ध है।

इसी दिन 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव का समापन भी होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष पूजा का विधान है। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु अपने हाथों में 14 गांठों वाला अनंत सूत्र या रक्षासूत्र बांधते हैं। इसे जीवन में आने वाले संकटों और नकारात्मक प्रभावों से रक्षा का प्रतीक माना जाता है।
भागलपुर में अनंत भगवान की पूजा संपन्न करा रहे पंडित अशोक झा ने बताया कि यह पूजा पूर्ण श्रद्धा, विश्वास और विधि-विधान के साथ की जाती है। अनंत भगवान यानी भगवान विष्णु की आराधना करने से भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है तथा कष्टों से मुक्ति मिलती है।
अनंत चतुर्दशी का यह पर्व जिले में धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम बना रहा।













