



भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड के मामलखा स्थित शंकरपुर पंचायत में अस्तित्व बचाओ आंदोलन संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पंचायत के सरपंच रतन मंडल ने की, जबकि समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार ने बैठक का संचालन किया।
बैठक में गंगा कटाव की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि गंगा के किनारे बसे गांवों में कटाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोग बेघर हो रहे हैं। बार-बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पक्का कटाव रोधी कार्य शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में वोट बहिष्कार करेंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 18 सितंबर, गुरुवार को शंकरपुर पंचायत से सबौर प्रखंड मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च में समिति के सदस्य समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मूल समस्या का समाधान नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।
सरपंच रतन मंडल ने कहा कि गंगा कटाव से न सिर्फ खेत-खलिहान बर्बाद हो रहे हैं, बल्कि सैकड़ों परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से अब तक केवल कागजी आश्वासन मिले हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वोट बहिष्कार की चेतावनी को हल्के में न लिया जाए।

ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि अस्तित्व बचाओ आंदोलन सिर्फ नाम का नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन का सवाल है। यदि कटाव रोकने का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे चुनाव का बहिष्कार कर सरकार को अपनी नाराजगी का संदेश देंगे। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे और सभी ने आगामी पैदल मार्च को सफल बनाने का संकल्प लिया।
गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से इस इलाके में गंगा कटाव से सैकड़ों घर पानी में समा चुके हैं। कई ऐसे परिवार भी हैं, जिन्होंने घर बनवाए थे लेकिन गृह प्रवेश से पहले ही गंगा में बह गए। इस वजह से रिंग बांध बनाने की मांग और तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे वोट का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।













