


जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक आयोजित
भागलपुर। इंटरमीडिएट वार्षिक सैद्धांतिक परीक्षा–2026 के सफल, कदाचार-मुक्त और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर मंगलवार को समीक्षा भवन, भागलपुर में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी परीक्षा केंद्र अधीक्षक और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी उपस्थित थे, जिन्हें परीक्षा संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि इंटरमीडिएट की वार्षिक सैद्धांतिक परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। भागलपुर जिले में कुल 59 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सदर अनुमंडल में 40, नवगछिया अनुमंडल में 10 और कहलगांव अनुमंडल में 9 परीक्षा केंद्र शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दिन प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को पूर्वाह्न 9:00 बजे तक और द्वितीय पाली के परीक्षार्थियों को अपराह्न 1:30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति होगी। निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। केवल केंद्र अधीक्षक को छोड़कर किसी भी कर्मी या परीक्षार्थी को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा परीक्षा अवधि के दौरान फोटोस्टेट मशीन, कॉपीयर, डुप्लीकेटर आदि का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार के अतिरिक्त सभी पार्श्व और पीछे के द्वार सुबह 8:00 बजे से परीक्षा समाप्ति तक बंद रहेंगे, और किसी भी प्रकार के अनधिकृत आवागमन पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाएगा।
परीक्षार्थियों की जांच व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है। परीक्षा केंद्र में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश वर्जित रहेगा, सभी परीक्षार्थियों को चप्पल पहनकर ही प्रवेश करना होगा। परीक्षा कक्ष में एक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थियों को बैठाने की व्यवस्था की गई है।
परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था और समन्वय के लिए अनुमंडल कार्यालय, सदर भागलपुर परिसर स्थित सभाकक्ष में जिला नियंत्रण कक्ष संचालित रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या 0641-2402082 होगी। नियंत्रण कक्ष की प्रभारी पदाधिकारी अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी, भागलपुर श्रीमती बंदना कुमारी होंगी। उनके साथ आईटीआई भागलपुर के अनुदेशक देवराज कुमार और वरिष्ठ सहकारिता प्रसार पदाधिकारी शशि कुमार नियंत्रण कक्ष में तैनात रहेंगे।
जिलाधिकारी ने बैठक में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे परीक्षा के दौरान पूरी तत्परता और अनुशासन बनाए रखें, ताकि परीक्षा सफल, शांतिपूर्ण और कदाचार-मुक्त रूप से संपन्न हो सके।












