



भागलपुर। रंग ग्राम जान सांस्कृतिक मंच के बैनर तले भागलपुर के कला केंद्र में 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक 12वें रंग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस सांस्कृतिक आयोजन को पूर्वोत्तर भारत के तीन दिवंगत एवं प्रतिष्ठित रंगकर्मियों पद्मश्री रतन थियम, के. बी. शर्मा और नाट्य श्री पखिला कोलिता को समर्पित किया गया है।

महोत्सव के आयोजन को लेकर गुरुवार को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें रंग महोत्सव से जुड़े पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व वर्षों की तरह इस वर्ष भी यह आयोजन अप-संस्कृति के विरोध, लोक कला के संरक्षण, रंगकर्म के संवर्धन और राष्ट्रीय एकता को समर्पित रहेगा।
तीन दिनों तक चलने वाले इस रंग महोत्सव में बिहार सहित देश के नौ राज्यों से आए नाट्य और नृत्य दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न भारतीय भाषाओं में लघु नाटक, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य, मंजूषा पेंटिंग और रंग जुलूस जैसी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों को देखने को मिलेंगी, जिससे शहर का सांस्कृतिक माहौल जीवंत हो उठेगा।
आयोजकों ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में नीति, नैतिकता, मानवीय मूल्यबोध और सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना है। साथ ही सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करना और पारंपरिक कलाओं का संरक्षण एवं पोषण करना भी इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है।

इसी क्रम में कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले देश भर के 21 कलाकारों को वर्ष 2025–26 के लिए राष्ट्रीय रंग सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान भागलपुर शहर के विभिन्न सांस्कृतिक और समाजसेवी व्यक्तित्वों की स्मृति में प्रदान किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से कलाकारों और खिलाड़ियों को रेलवे में दी जाने वाली रियायत को पुनः बहाल करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के बंद होने से कलाकारों को देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि रंग महोत्सव जन सहयोग से लगातार सफलतापूर्वक संपन्न होता आ रहा है और इस महोत्सव के सभी कार्यक्रम दर्शकों के लिए पूरी तरह निशुल्क रहेंगे।













