



भागलपुर : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भागलपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गृह मंत्रालय की जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान से आई दो महिलाओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज हो गए थे और उनके वोटर आईडी कार्ड भी बन चुके थे। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

गृह मंत्रालय ने जब वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों की जांच शुरू की, तो भागलपुर में तीन पाकिस्तानी नागरिकों के रहने की पुष्टि हुई। इनमें दो महिलाएं – इमराना खानम उर्फ इमराना खातून और फिरदौसिया खानम शामिल हैं। ये दोनों इशाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर, गुमटी नंबर 3, टैंक लेन में रह रही थीं। जांच से स्पष्ट हुआ कि इनकी नागरिकता कभी भारत में परिवर्तित नहीं हुई, बावजूद इसके इनके नाम मतदाता सूची में जुड़ गए।

स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी और एसएसपी से कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पुष्टि की है कि दोनों पाकिस्तानी महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इतनी गंभीर चूक किन अधिकारियों की लापरवाही से हुई।
वहीं, इस मामले में परिवार की ओर से अलग दावा किया गया है। फिरदौसिया खानम के बेटे मोहम्मद गुलौज का कहना है कि उनकी मां का जन्म 1945 में हुआ था और वह यहीं रह रही हैं। उनका कहना है कि सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद रिपोर्ट में गलत जानकारी दी गई है।

फिलहाल यह पूरा मामला मतदाता सूची की विश्वसनीयता और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।












