



दंगा पीड़ितों का केस लड़ने वाले वकील अभयकांत झा मैदान में
भागलपुर: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच जनसुराज पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने भागलपुर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभयकांत झा को उम्मीदवार बनाया है, जो भागलपुर दंगा पीड़ितों का केस लंबे समय से लड़ते रहे हैं। अपनी सादगी, निष्पक्ष छवि और सामाजिक सरोकारों से जुड़ाव के कारण अभयकांत झा जनता के बीच एक ईमानदार चेहरा माने जाते हैं।

इसी क्रम में जनसुराज ने कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से मंज़ूर आलम को भी अपना उम्मीदवार घोषित किया है। मंज़ूर आलम को क्षेत्र में एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। वे सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहते हुए लोगों के बीच लगातार काम करते रहे हैं।
जनसुराज की इस घोषणा के बाद जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभयकांत झा जैसे ईमानदार और न्यायप्रिय व्यक्तित्व के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण में नया मोड़ आ सकता है। पार्टी की रणनीति साफ है—वह जमीनी मुद्दों, सुशासन और पारदर्शिता के सहारे जनता के बीच भरोसे का पुल बनाना चाहती है।

उधर, अब तक किसी अन्य दल द्वारा उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में जनसुराज ने शुरुआती बढ़त लेते हुए चुनावी रणभेरी बजा दी है।
अभयकांत झा और मंज़ूर आलम की उम्मीदवारी से जनसुराज पार्टी को नई ऊर्जा मिली है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जनता इस नई राजनीतिक पहल को कितना समर्थन देती है और क्या जनसुराज अपने सामाजिक सरोकारों के संदेश को जनमानस तक प्रभावी ढंग से पहुँचा पाती है या नहीं।
















