



भागलपुर व्यवहार न्यायालय को एक बार फिर ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। धमकी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। एहतियातन न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है तथा पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमकी भरा ई-मेल मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। न्यायालय परिसर के हर कोने, कक्षों, रिकॉर्ड रूम और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

गौरतलब है कि करीब दस दिन पहले भी भागलपुर व्यवहार न्यायालय को इसी तरह ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी, लेकिन अब तक उस मामले की जांच से संबंधित कोई ठोस रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में एक बार फिर धमकी मिलने से सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ताजा धमकी के बाद एहतियातन अधिवक्ताओं, वादकारियों और न्यायिक कार्य से जुड़े कर्मचारियों को न्यायालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। सभी को बाहर ही रोक दिया गया, जिससे पूरे दिन न्यायिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। अदालतों में सुनवाई नहीं हो सकी।

इस स्थिति को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश देखने को मिला। वकीलों का कहना है कि लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन पूर्व मामले में अब तक न तो धमकी देने वाले की पहचान हुई है और न ही कोई स्पष्ट जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि न्यायालय की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
फिलहाल पुलिस ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान, उसके स्रोत और धमकी की सत्यता की गहन जांच में जुटी हुई है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
















