



नवगछिया । खरीक बाजार इन दिनों पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर नजर आ रहा है। साह च्वाइस क्लब के तत्वावधान में कार्तिक स्थान पर स्थापित माँ सरस्वती की भव्य और अलौकिक प्रतिमा ने पूरे क्षेत्र को आस्था, श्रद्धा और उल्लास के रंग में रंग दिया है। माँ सरस्वती की इस भव्य प्रतिमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे खरीक बाजार क्षेत्र में मेले जैसा उत्सवपूर्ण माहौल बना हुआ है।

माँ सरस्वती की प्रतिमा को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिसकी भव्यता देखते ही बनती है। श्रद्धालु माँ की आराधना कर सुख-समृद्धि, विद्या और ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। पूरे पूजा पंडाल और आसपास के क्षेत्र में भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है। हर ओर “जय माँ सरस्वती” के जयघोष सुनाई दे रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और श्रद्धा और भी बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों के बीच माँ सरस्वती की इस प्रतिमा को श्रद्धा से “खरीक की महारानी” कहा जा रहा है। दिन-रात श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा हुआ है, वहीं महिलाएं, बच्चे और युवा बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना और दर्शन में जुटे हुए हैं। पूजा के दौरान विधि-विधान से आरती और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

माँ सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन जुलूस भव्य रूप से निकाला जाएगा। यह जुलूस कार्तिक स्थान से प्रारंभ होकर चैती दुर्गा मंदिर, बड़ी काली मंदिर, विश्वकर्मा चौक होते हुए कलबलिया धार तक जाएगा। विसर्जन के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस भव्य और सफल आयोजन को संपन्न कराने में परशुराम कुमार, सोनू कुमार, सौरभ सुमन, अंकित कुमार, रवि कुमार एवं साहिल कुमार की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही। आयोजन समिति के सदस्यों ने दिन-रात मेहनत कर श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा।

स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने साह च्वाइस क्लब के इस आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। लोगों ने इसे न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण माना। खरीक बाजार में आयोजित यह सरस्वती पूजा क्षेत्रवासियों के लिए एक अविस्मरणीय और श्रद्धामय उत्सव बनकर उभरी है।














