



फूफू-भतीजी के बीच खेल-खेल में शुरू हुआ झगड़ा पहुंचा दांत काटने और खून बहाने तक, अस्पताल में हुआ इलाज और फिर कराई गई दोस्ती
नवगछिया : रिश्तों की मर्यादा और मासूमियत उस वक्त तार-तार हो गई जब नवगछिया अनुमंडल के तेतरी गांव में एक ही परिवार की दो किशोरियां—जो आपसी रिश्ते में फूफू और भतीजी लगती हैं—आपस में भिड़ गईं। बच्चों के बीच खेल-खेल में शुरू हुआ मामूली विवाद इतनी गंभीर लड़ाई में तब्दील हो गया कि एक ने दूसरी के हाथ में दांत से काट लिया, जिससे खून बहने लगा।
घटना उस समय हुई जब गांव की अन्य बच्चियों के साथ लाड़ो खातून (पिता – आशिक मंसूरी) और दुलारी खातून (पिता – मो. अख्तर) खेल रही थीं। खेल के दौरान किसी बात को लेकर पहले हल्की नोकझोंक हुई, जो धीरे-धीरे तू-तू, मैं-मैं, गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे के बाल खींचने लगीं और लात-घूंसे चलने लगे। इसी बीच दुलारी खातून ने गुस्से में आकर लाड़ो के हाथ में जोर से दांत काट लिया। काटने की वजह से लाड़ो के हाथ से खून बहने लगा और वह दर्द से तड़पने लगी।
घटना की सूचना मिलते ही दोनों पक्षों के परिजन पहुंचे और किसी तरह दोनों को अलग किया। इसके बाद परिजनों ने दोनों को नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को प्राथमिक उपचार दिया। खासकर लाड़ो के हाथ से खून लगातार बह रहा था, जिस पर तुरंत मरहम-पट्टी की गई।

इलाज के बाद दोनों बच्चियों को समझाया गया और अस्पताल में ही आपसी सुलह के बाद दोनों की दोस्ती कराई गई। हालांकि घटना के बाद दोनों परिवारों में थोड़ी देर के लिए तनाव का माहौल बन गया था, लेकिन समय रहते मामला शांत हो गया।
परिजनों का कहना है कि दोनों बच्चियां पहले भी अक्सर साथ खेलती थीं और उनमें बहन जैसा रिश्ता था, लेकिन इस बार मामूली बात पर झगड़ा बढ़ गया। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि बच्चों के झगड़ों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह कब गंभीर रूप ले ले, कहना मुश्किल है।
फिलहाल दोनों बच्चियां खतरे से बाहर हैं और दोनों परिवारों ने मामले को आपसी समझदारी से सुलझा लिया है। ग्रामीणों ने भी परिजनों से अपील की है कि बच्चों को शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण व्यवहार के लिए प्रेरित करें, ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।














