


भागलपुर। मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कंजिया बाईपास स्थित भतोरिया चौक पर निर्माणाधीन अंडरपास को लेकर उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब भतोरिया गांव के ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को रुकवा दिया। अंडरपास निर्माण को लेकर अपनी विभिन्न समस्याओं और आशंकाओं के कारण ग्रामीण नाराज थे और उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्य बंद करा दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
निर्माण कार्य रुकने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर भागलपुर के एसडीएम विकास कुमार, डीएसपी-2 राकेश कुमार, नाथनगर थाना अध्यक्ष राजीव रंजन, मधुसुदनपुर थाना अध्यक्ष मोहम्मद सफदर अली के साथ वज्र टीम पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया।
ग्रामीणों का कहना था कि अंडरपास निर्माण के कारण उन्हें आवागमन, व्यवसाय और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उनकी बातों और आपत्तियों को गंभीरता से नहीं सुना गया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि अंडरपास का निर्माण जनहित को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिससे भविष्य में यातायात व्यवस्था सुगम होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
एसडीएम विकास कुमार ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी आपत्तियों और सुझावों को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा तथा नियमों के तहत समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। डीएसपी-2 राकेश कुमार ने भी स्पष्ट किया कि किसी को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
प्रशासन की समझाइश के बावजूद कुछ लोग लगातार हंगामा कर रहे थे। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दो से तीन लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। इसके बाद मौके पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई और भीड़ छंटने लगी। वज्र टीम की तैनाती के कारण किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों के साथ संवाद जारी रहेगा और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा बनी हुई है कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय से ही ऐसे विकास कार्यों को सुचारू रूप से पूरा किया जा सकता है। अंडरपास निर्माण को लेकर उत्पन्न इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास परियोजनाओं में स्थानीय लोगों की सहभागिता और संवाद कितना आवश्यक है।













