



भागलपुर में गंगा नदी की बाढ़ से सैकड़ों गांवों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। खासकर निचले इलाके और गंगा के किनारे बसे गांव अब भी कमर तक पानी में डूबे हुए हैं, जिससे आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से बाधित हो गई है। इस कठिन समय में जीवन जागृति सोसाइटी जरूरतमंदों के सहारे बनी हुई है और लगातार राहत कार्य चला रही है।
सोसाइटी की टीम ने सबौर प्रखंड के राजांदीपुर गांव में विशेष राहत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान लगभग 500 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच सूखा राशन वितरित किया गया। राहत सामग्री में चावल, दाल, चूड़ा, गुड़, नमक, मसाले और अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थ शामिल थे, जिससे प्रभावित परिवार कुछ दिनों तक अपना जीवन यापन कर सकें।

संस्था के प्रदेश अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जीवन जागृति सोसाइटी का उद्देश्य हमेशा से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना रहा है, विशेषकर तब जब सरकारी मदद हर स्थान तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने कहा कि संस्था न केवल राहत कार्य करती है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही है।

राजांदीपुर के ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बाढ़ ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और ऐसे समय में मिली यह मदद उनके लिए किसी संबल से कम नहीं है।
गौरतलब है कि जीवन जागृति सोसाइटी पिछले कई वर्षों से सामाजिक और मानवीय सरोकारों से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय है। इस बार के राहत अभियान से न केवल जरूरतमंदों को भोजन मिला, बल्कि उनके आत्मबल को भी नई ऊर्जा मिली है।













