



नवगछिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, भागलपुर शाखा के तत्वावधान में नवगछिया में आयोजित द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन मेला के चतुर्थ दिवस के अवसर पर संध्या प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनीता दीदी के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
संध्या प्रवचन में बी.के. गुंजा बहन, संचालिका बांका ने “राजयोग” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग का शाब्दिक अर्थ है जोड़ना, जबकि आध्यात्मिक अर्थ में योग आत्मा और परमात्मा के मिलन को कहा जाता है। राजयोग के अभ्यास से आत्मा को अपनी कर्मेन्द्रियों का सुचारू रूप से संचालन करने की शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि राजयोग की विधि अत्यंत सरल है, जिसे छोटे-बड़े सभी सहज रूप से अपना सकते हैं।

बी.के. गुंजा बहन ने कहा कि राजयोग मानव को संयमित एवं संतुलित जीवन जीने की कला सिखाता है। सामान्य रूप से कहा जाता है कि कर्म ही योग है, लेकिन केवल कर्म में व्यस्त रहना योग नहीं है। कर्म करते हुए योग का अनुभव होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजयोग का अर्थ है परमात्मा की याद में रहना और स्वयं को आत्मा समझकर श्रेष्ठ संकल्पों के साथ जीवन जीना। यही सच्चा योगी जीवन है।

इस अवसर पर बी.के. निर्मला बहन, संचालिका नवगछिया ने उपस्थित श्रद्धालुओं को राजयोग का अभ्यास भी कराया। उन्होंने बताया कि सकारात्मक संकल्प और चिंतन से शरीर की सभी कर्मेन्द्रियां स्वस्थ रहती हैं तथा मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे मन शांत और संतुलित रहता है। उन्होंने आत्मचिंतन के माध्यम से स्वयं को चैतन्य, अजर-अमर और प्रकाश स्वरूप आत्मा के रूप में अनुभव करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के दौरान चैतन्य झांकी का भी आयोजन किया गया, जिसमें दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के स्वरूप को दर्शाया गया। यह झांकी राजयोग के अभ्यास का प्रतीक रही, जिसमें मन की एकाग्रता और शक्ति स्वरूप का सुंदर प्रदर्शन किया गया।
इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। कार्यक्रम को सफल बनाने में बी.के. विनोद, प्रमोद, सुबोध, निरंजन, राजकिशोर, बी.के. आरती बहन, अंजलि, पूजा और नीतू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संध्या में भव्य महा आरती का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ओम प्रकाश मंडल (डीपीएम, प्रभारी, पूर्णिया), प्रोफेसर महेश राय (भागलपुर), चंद्र भूषण (शिक्षक, भागलपुर) एवं धीरज कुमार (डायरेक्टर, एग्रो साहू, परबत्ता) उपस्थित रहे।
















