



पटना : संपूर्ण ब्राह्मण समन्वय समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय पहुंचकर पार्टी नेतृत्व को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, संगठन महामंत्री भिखु भाई दालसानिया तथा जेडीयू विधान परिषद के सचेतक संजय गांधी को सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने धार्मिक न्यास परिषद सहित विभिन्न सरकारी निकायों में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा और अनदेखी पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राह्मण समाज—जैसे कि कान्यकुब्ज, मैथिल, शाकद्वितीय, गोस्वामी, भट्ट, महापात्र, टिकुली आदि समुदायों—को किसी भी स्तर पर प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है, जिससे समाज में गहरा आक्रोश और क्षोभ है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि धार्मिक न्यास परिषद जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में एक भी ब्राह्मण प्रतिनिधि को शामिल न किया जाना अपमानजनक है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विगत लोकसभा चुनावों में ब्राह्मण समाज ने एनडीए गठबंधन का पूरा साथ दिया, जबकि कई अन्य जातियों के नेता अपने समाज का वोट ट्रांसफर कराने में विफल रहे।
प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि इसी प्रकार की उपेक्षा जारी रही तो भविष्य में समाज को निर्णय पुनर्विचार के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह एकतरफा निष्ठा और समर्थन का सिलसिला कब तक चलेगा, इस पर नेतृत्व को गंभीर मंथन करना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग थे:
मनोरंजन गिरी, प्रभात रंजन, संतोष तिवारी, आशुतोष झा, डॉ. सुभाष पांडेय, रणविजय पांडेय, अमित मिश्रा, सुजीत चौधरी मैथिल, संतोष चौधरी, सिद्धनाथ तिवारी एवं देशबंधु उपाध्याय।
प्रतिनिधिमंडल ने सभी प्रमुख दलों—भाजपा, जेडीयू, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेकुलर), राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार, एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)—के प्रदेश अध्यक्षों से इस गंभीर विषय पर ध्यान देने की अपील की है।













