



भागलपुर जिले में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता पुनर्निरीक्षण अभियान के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। इस संबंध में पूर्व विधायक फलीन्द्र चौधरी और राजद नेता नट बिहारी मंडल ने आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सुलतानगंज प्रखंड के महेशी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 1 के बूथ संख्या 110 पर रहने वाली लक्ष्मी कुमारी, जो जीवित हैं, उन्हें मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक चूक को दर्शाती है, बल्कि आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर भी सवाल खड़े करती है।

इसी प्रकार महेशी पंचायत के मोतीचक गांव के वार्ड संख्या 5 के बूथ संख्या 108 और 109 पर भी मतदाता सूची में कई पुराने और नए मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इसको लेकर राजद नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई भाजपा के इशारे पर की जा रही है, ताकि गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को मतदान से वंचित किया जा सके।
पूर्व विधायक फलीन्द्र चौधरी ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं और यदि ऐसी गड़बड़ियां जारी रहीं, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कमजोर पड़ेगा। नट बिहारी मंडल ने भी कहा कि यह मामला सिर्फ एक पंचायत या गांव का नहीं है, बल्कि जिले के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की शिकायतें मिल रही हैं, जिन्हें लेकर जल्द ही आयोग के समक्ष विरोध दर्ज कराया जाएगा।
घटना के समय दर्जनों ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जिन्होंने अपनी-अपनी समस्याएं नेताओं के समक्ष रखीं और प्रशासन से जल्द सुधार की मांग की।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष है और वे चाहते हैं कि चुनाव आयोग पारदर्शिता के साथ पुनर्निरीक्षण प्रक्रिया को पूर्ण करे, ताकि किसी भी मतदाता के अधिकारों का हनन न हो।












