


भागलपुर। जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिस पर डीसी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
डीसी ने निरीक्षण की शुरुआत इमरजेंसी वार्ड से की। यहां डॉक्टरों की संख्या अपेक्षा से कम पाई गई, जिसके कारण मरीजों की भारी भीड़ लगी हुई थी। निरीक्षण के दौरान कुछ डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित भी मिले। इस पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है और आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
इसके बाद डीसी ने दवा भंडार (स्टोर) का निरीक्षण किया। यहां दवा वितरण में अनियमितता सामने आई। जांच में पाया गया कि कुछ मरीजों को निर्धारित मात्रा से कम दवाइयां दी जा रही थीं, जबकि कुछ को आवश्यकता से अधिक दवाएं उपलब्ध कराई गई थीं। डीसी ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान वैक्सीनेशन स्टॉल पर भी लापरवाही उजागर हुई। बताया गया कि पहले से मौजूद बच्चों को छोड़कर बाद में आए बच्चों को पहले टीका लगा दिया गया। इस अव्यवस्था पर डीसी ने नाराजगी जताई और इसकी भी जांच के आदेश दिए।
निरीक्षण के बाद जिला पदाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल में नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाई जा सके और आम जनता को बेहतर एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












