



नवगछिया अनुमंडल के तुलसीपुर गांव के निवासियों के लिए एक नई उम्मीद और आशा की किरण बनकर आए हैं देश के बड़े उद्योगपति एवं अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक, बिहार के लाल उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू। बाढ़ पीड़ितों की मदद और गांव के समग्र विकास को लेकर उन्होंने तुलसीपुर गांव को गोद लेने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद, उन्होंने कहा कि बिहार की धरती में अपार संभावनाएं हैं और अब समय आ गया है कि इसे विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।

भोला बाबू ने यह भी बताया कि वे अब तक 300 से अधिक गांवों को गोद लेकर वहां विकास कार्यों की शुरुआत कर चुके हैं। उन्होंने कंपनियों से अपील करते हुए कहा कि जो भी कंपनियां बिहार से मुनाफा कमा रही हैं, उन्हें अपनी सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत राज्य के विकास में निवेश करना चाहिए। तुलसीपुर को गोद लेने के बाद भोला बाबू ने इस गांव के विकास के लिए कई बड़े कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि यहां विवाह भवन, आधुनिक स्कूलों की सुविधाएं, खेल सामग्री, शौचालय, इन्वर्टर-बैटरी और अन्य जरूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गांव में आईटीआई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां उन्हें रोजगारपरक कौशल सिखाकर नौकरी के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। वहीं, किसानों और युवाओं को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से तुलसीपुर और आसपास के क्षेत्रों में केला फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिसमें केला चिप्स का उत्पादन शुरू होगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

भोला बाबू ने आगे कहा, “आज गांव की तस्वीर खींच लीजिए और एक साल बाद फिर देखिए, यहां विकास की गंगा बहेगी।” बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर भी उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। तुलसीपुर को मॉडल गांव बनाने के संकल्प के साथ भोला बाबू ने यह भी कहा कि उनका सपना बिहार को नई पहचान और गौरव दिलाना है।













