



भागलपुर
शादी हुई… बच्चे नहीं हुए… फिर बिछड़ गए… और वर्षों बाद पति-पत्नी की मुलाकात कराई एक पुलिसवाले ने। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि सच्ची घटना है, जो भागलपुर से सामने आई है।
दरअसल, भागलपुर कोतवाली के रहने वाले सत्यनारायण सिंह की शादी वर्ष 2007 में कजरैली चाँदपुर की गुड़िया कुमारी से हुई थी। शादी के कई साल बाद भी संतान नहीं हुई, तो परिवार की सहमति से सत्यनारायण सिंह ने दूसरी शादी कर ली, जिससे उन्हें दो संतानें हुईं। इस बीच पहली पत्नी गुड़िया उनके साथ रह रही थी। लेकिन जब सत्यनारायण रोज़गार के लिए दिल्ली चले गए, तो कुछ ही समय बाद गुड़िया अचानक घर से लापता हो गई।

काफी खोजबीन के बावजूद जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने उसे मृत मानकर उसका श्राद्ध कर्म भी कर दिया। इसी बीच ‘हेलमेट मैन’ के नाम से मशहूर बिहार पुलिस के जवान धनंजय पासवान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक महिला को सड़क से उठाकर मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह महिला कोई और नहीं बल्कि सत्यनारायण की पहली पत्नी गुड़िया थी।
वीडियो देखते ही सत्यनारायण दिल्ली से भागलपुर आए और अस्पताल में गुड़िया से मुलाकात की। पति को सामने देख गुड़िया की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। करीब 15 दिन के इलाज के बाद उसकी तबीयत पूरी तरह ठीक हो गई और वह बार-बार घर जाने की जिद करने लगी।
धनंजय पासवान ने न केवल गुड़िया को अस्पताल पहुँचाया बल्कि उसके लिए नए कपड़े और ज़रूरी सामान भी उपलब्ध कराया। अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों के परिजनों ने उसे तैयार किया, मांग में सिंदूर लगाया और आशीर्वाद देकर विदा किया।

दरअसल, गुड़िया सड़क किनारे भीख माँगते और बीमार अवस्था में मिली थी। पुलिस जवान धनंजय पासवान ने मानवता का परिचय देते हुए उसे अस्पताल पहुँचाया। उनकी इस पहल ने न केवल गुड़िया की जान बचाई बल्कि पति-पत्नी को वर्षों बाद मिलाकर उसे नई ज़िंदगी भी दी।
धनंजय पासवान का कहना है कि यह उनका धर्म और फर्ज़ था। कभी जिसे मृत मानकर श्राद्ध कर दिया गया था, आज वही महिला अपने पति के साथ ज़िंदगी जी रही है, और यह संभव हुआ है पुलिस जवान की इंसानियत और जज़्बे से।
















