



भागलपुर में गंगा नदी अब ग्रामीण और दियारा क्षेत्रों को पार कर शहरी इलाकों में प्रवेश कर चुकी है। सबसे पहले तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) की प्रोफेसर कॉलोनी पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। यहां शिक्षकों के क्वार्टरों में पानी घुस चुका है। पीजी महिला छात्रावास में भी पानी भरने के बाद छात्रावास को पूरी तरह खाली कर दिया गया है।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई प्रोफेसर और उनके परिवार अब जल कैदी बन गए हैं। कुछ प्रोफेसर ठेले की मदद से घर से बाहर निकलने को मजबूर हैं, वहीं कुछ लोग अपने सामान के साथ पलायन कर अन्य स्थानों की ओर जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के कॉलेजों और विभागों तक पहुँचने के लिए भी अब ठेले का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रोफेसर कॉलोनी के निवासी अब सर्प और अन्य जीव-जंतुओं के डर में जी रहे हैं। यहां अक्सर खतरनाक सांप जैसे रसल वाइपर निकलते रहते हैं। कई बार सांपों का रेस्क्यू भी कराया गया है। ऐसे में लोग अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

कई प्रोफेसर ऐसे हैं जो अपनी बीमार माँ के साथ रहते हैं। पानी भर जाने के कारण वे अपनी माँ को बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं। उन्होंने कमरे के अंदर ही ईंटों की मदद से पलंग ऊंचा कर लिया है और वहीं सामान रख रखा है। बीमारी और जलजमाव के कारण उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है।














