


स्कूली छात्र छात्राओं ने बनाया एक से बढ़कर मॉडल
नवगछिया : नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत सिंघिया मकंदपुर स्थित ज्ञान वाटिका विद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी मेले का भव्य, आकर्षक एवं सफल आयोजन बड़े उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में पारंपरिक विधि-विधान के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य, सचिव एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं स्वागत संबोधन के साथ हुई, जिसके बाद पूरे विद्यालय परिसर में विज्ञान एवं नवाचार का उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।
विज्ञान प्रदर्शनी में कक्षा तृतीय से लेकर अष्टम तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने वैज्ञानिक ज्ञान, रचनात्मक सोच तथा कल्पनाशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडल एवं प्रोजेक्ट्स ने उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों एवं अतिथियों को काफी प्रभावित किया। छोटे-छोटे बच्चों द्वारा जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत करना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
कक्षा तृतीय के विद्यार्थियों ने वॉल्केनो मॉडल के माध्यम से ज्वालामुखी विस्फोट की प्रक्रिया को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया, वहीं सोलर कार मॉडल द्वारा सौर ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सोलर सिस्टम मॉडल के जरिए ग्रहों की संरचना एवं उनकी गति को समझाया गया तथा फोटोसिंथेसिस प्रक्रिया के मॉडल से पौधों द्वारा भोजन निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया।
कक्षा चतुर्थ के छात्रों ने हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट मॉडल के माध्यम से जल से बिजली उत्पादन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा वॉटर साइकिल मॉडल द्वारा जल चक्र की प्राकृतिक प्रक्रिया को समझाया गया तथा ऑटोमैटिक कार मॉडल ने आधुनिक तकनीक और स्वचालन प्रणाली की झलक प्रस्तुत की।
कक्षा पंचम के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए हाइड्रोलिक लिफ्ट मॉडल ने द्रव दबाव के सिद्धांत को व्यावहारिक रूप में समझाया। टेस्ला कॉइल मॉडल के जरिए विद्युत ऊर्जा एवं चुंबकीय प्रभावों का प्रदर्शन किया गया, जबकि रोबोट मॉडल बच्चों की तकनीकी समझ और नवाचार क्षमता का बेहतरीन उदाहरण साबित हुआ। यह मॉडल प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण बना रहा और दर्शकों ने इसकी खूब सराहना की।
कक्षा षष्ठ के छात्रों ने हाइड्रोलिक ब्रिज की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाते हुए बताया कि किस प्रकार द्रव दबाव की सहायता से भारी संरचनाओं को नियंत्रित किया जाता है। वहीं कक्षा सप्तम के विद्यार्थियों ने रेनवॉटर हार्वेस्टिंग मॉडल प्रस्तुत कर जल संरक्षण की आवश्यकता और वर्षा जल संचयन के महत्व पर जोर दिया। इस मॉडल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया।
कक्षा अष्टम के छात्रों द्वारा प्रस्तुत कार्बन एयर प्यूरीफायर मॉडल ने वायु प्रदूषण की समस्या और उसके समाधान को वैज्ञानिक तरीके से दर्शाया। विद्यार्थियों ने बताया कि किस प्रकार कार्बन फिल्ट्रेशन तकनीक के माध्यम से हवा को शुद्ध किया जा सकता है। यह मॉडल भी दर्शकों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना रहा।
प्रदर्शनी में विशेष रूप से हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट, रोबोट मॉडल तथा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट आकर्षण का केंद्र रहे। अभिभावकों एवं आगंतुकों ने बच्चों की मेहनत, वैज्ञानिक सोच और प्रस्तुति शैली की जमकर सराहना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राएं अपने-अपने मॉडल के वैज्ञानिक सिद्धांतों को आत्मविश्वास के साथ समझाते नजर आए, जिससे उनकी प्रतिभा और तैयारी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य श्री राजेश कुमार झा ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी जैसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में रचनात्मकता, जिज्ञासा, आत्मविश्वास तथा नवाचार की भावना विकसित होती है और वे पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त करते हैं। विद्यालय सचिव नीलेश कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को भविष्य में और बड़े स्तर पर आयोजित करने की बात कही।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय सचिव द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले शिक्षकों, अभिभावकों एवं सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्थानीय गणमान्य लोग एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने विद्यालय परिसर को विज्ञान, शिक्षा और नवाचार के उत्सव में परिवर्तित कर दिया।













