


भागलपुर। इमामपुर प्रखंड के मोहीबअलीचक गांव में मिनी जलापूर्ति योजना के तहत जलमीनार निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यह विवाद अब हबीबपुर थाना से होते हुए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, पीएचईडी विभाग की टीम जैसे ही सरकारी भूमि पर जलमीनार निर्माण का काम शुरू कराने पहुंची, तभी गांव का ही राजा नामक व्यक्ति अपने सहयोगियों के साथ वहां पहुंचा और निर्माण कार्य रुकवा दिया। विरोध करने पर मजदूरों और ग्रामीणों के साथ बदसलूकी की गई तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। बताया गया कि दबंगई का आलम यह था कि अज्ञात लोगों को भी मौके पर बुला लिया गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इस घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा व्याप्त है। वार्ड सदस्य नुसरत खान और पंच रीता देवी ने हबीबपुर थाना में लिखित आवेदन देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि करीब 20 साल पहले इसी स्थान पर सरकारी ट्यूबवेल लगाया गया था, जो अब खराब हो चुका है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए उसी जगह पर मिनी जलापूर्ति योजना के तहत जलमीनार का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण विकास कार्य बाधित हो गया।

ग्रामीणों ने कहा कि यह हरकत न केवल सरकारी काम में बाधा डालने वाली है, बल्कि गांव की पेयजल समस्या को और गंभीर बना सकती है। पहले से ही गांव में स्वच्छ पेयजल की भारी किल्लत है। जलमीनार बनने से लोगों को राहत मिलती, मगर दबंगई से काम रुक जाने पर लोग निराश हैं। महिलाओं ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि पानी की समस्या का सबसे ज्यादा बोझ उन्हीं पर पड़ता है।
घटना के बाद ग्रामीण प्रतिनिधि सीओ सतीश कुमार से मिले और पूरी जानकारी दी। सीओ ने बताया कि मामले पर फिलहाल न्यायालय का अद्यतन आदेश बिहार सरकार के पक्ष में नहीं है। कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए कार्य रोक दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य पक्ष भी कोर्ट गए हुए हैं और जैसे ही नया आदेश प्राप्त होगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और गांव में पेयजल योजना का काम जल्द से जल्द शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके।













