



भागलपुर के लोदीपुर थाना क्षेत्र स्थित कोहड़ा गांव में जमीन के एक छोटे-से टुकड़े ने एक परिवार को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया। इंसानी रिश्तों की डोर इतनी कमजोर हो जाएगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। बीते 21 जुलाई को महज डेढ़ कट्टे जमीन के विवाद में छोटे भाई सुमित ने अपने सगे बड़े भाई सुजीत को चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सुमित खुद थाने पहुंचा और अपने अपराध को स्वीकार करते हुए पुलिस के हवाले हो गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

इस हृदयविदारक घटना को लोग अभी भुला भी नहीं पाए थे कि महज 12 दिन बाद एक और दुखद खबर ने पूरे गांव को झकझोर दिया। सुमित और सुजीत की मां की भी रहस्यमयी हालात में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि हत्या थी। उनका कहना है कि सुजीत की पत्नी ने ही अपनी सास का गला दबाकर उनकी जान ले ली। शक इसलिए गहरा है क्योंकि घटना के वक्त घर में केवल वही मौजूद थी। हालांकि सच क्या है, इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगा।
बरारी के श्मशान घाट पर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर आंख को नम कर दिया। जेल से पुलिस कस्टडी में हथकड़ी पहने सुमित को मां के अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। बाएं हाथ में हथकड़ी थी, लेकिन दाएं हाथ से उसने कांपते हुए अपनी मां को मुखाग्नि दी। वहां मौजूद हर शख्स स्तब्ध था और कोई भी अपने आंसू नहीं रोक सका।

गांव में अब सन्नाटा पसरा है। एक मां जिसने अपने बेटों को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी मां की विदाई अब उसी बेटे के हाथों हुई, जो अब एक हत्या के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे है। लोग एक-दूसरे से बस यही कह रहे थे कि जब इंसान रिश्तों से ऊपर लालच को रखे, तो नतीजा कितना भयानक हो सकता है ।













