



भागलपुर। बाखरपुर थाना क्षेत्र के बाखरपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुए हिंसक हमले में घायल युवक भरत यादव (25) की 11 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती तो भरत की जान बचाई जा सकती थी।
मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 11 दिन पहले जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हुई थी। उसी दौरान करीब 48 लोगों की भीड़ ने लाठी-डंडों और रायफल से बेरहमी से भरत यादव की पिटाई कर दी थी। गंभीर रूप से घायल भरत को पहले पीरपैंती रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर सिलीगुड़ी रेफर किया गया था। लंबे इलाज के बाद गुरुवार की रात उसकी मौत हो गई।

भरत यादव की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी रिंकी देवी, माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे पत्नी रिंकी देवी, दो पुत्र – अभय राज, अभिनव राज – और एक पुत्री अनन्या कुमारी को छोड़ गया है। तीनों बच्चे 10 वर्ष से कम उम्र के हैं।

मृतक के पिता पारस यादव ने बताया कि उनके बेटे को महज जमीन विवाद के कारण एक ही परिवार के 48 लोगों ने मिलकर बेरहमी से मार डाला। उन्होंने कहा कि भरत अपने खेत से होकर गुजर रहा था, जिससे नाराज होकर विरोधी पक्ष ने हमला कर दिया। पारस यादव ने पुलिस से मांग की कि सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए, अन्यथा उनके घरों पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाए।
वहीं मृतक की पत्नी रिंकी देवी और बहन शंभा देवी ने बाखरपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने केवल खानापूरी की है। घटना के सात दिन बाद तक सिर्फ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, और अब भरत की मौत के बाद तीन और लोगों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष लगातार धमकी दे रहा है, लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
इस संबंध में बाखरपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि घटना के बाद से लगातार छापेमारी की जा रही है। अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी बचे आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित करेगी।
















