


रामलीला के अंतिम दिन हुआ रावण वध और राम राज्याभिषेक, श्रद्धा और उल्लास से गूंजा नवगछिया
नवगछिया। बाजार स्थित बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का समापन रविवार 13 जुलाई 2025 को अत्यंत भव्यता और धार्मिक श्रद्धा के साथ हुआ। यह आयोजन जय मां भवानी श्रीरामलीला मंडल, काशी वाराणसी विंध्याचल धाम, उत्तर प्रदेश की टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया था। प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित इस महोत्सव ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा की गाथा से भावविभोर किया।
राम-रावण युद्ध और रावण वध का जीवंत मंचन
समापन दिवस पर रामलीला का सबसे रोमांचक दृश्य — राम-रावण युद्ध प्रस्तुत किया गया। रावण की युद्धभूमि में गर्जना, अहंकार और शक्ति के सामने प्रभु श्रीराम की विनम्रता, धर्म और संकल्प की शक्ति का चित्रण अत्यंत भावुक कर देने वाला रहा। युद्ध लंबे समय तक चलता रहा और अंततः जब रावण का अहंकार भस्म हुआ, तब श्रीराम के हाथों उसका वध हुआ। रावण वध के साथ ही मैदान में उपस्थित श्रद्धालुओं ने “जय श्रीराम” के नारों से आकाश गूंजा दिया।
अयोध्या में हुआ राम राज्याभिषेक
रावण वध के बाद श्रीराम के अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक का दृश्य प्रदर्शित किया गया। जैसे ही अयोध्या पहुंचे, मंत्री सुमंत्र ने गुरु वशिष्ठ की आज्ञा पर राज्याभिषेक की तैयारियां आरंभ कर दीं। समूची अवधपुरी को दीपों, पुष्पों और पताकाओं से भव्य रूप से सजाया गया।
इसके पश्चात भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ लंकापति विभीषण, वानरराज सुग्रीव, नल-नील, जामवंत, अंगद और हनुमान जी सम्मिलित हुए। श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा की और भक्ति भाव से स्वागत किया।
राज्याभिषेक का पावन दृश्य
शोभायात्रा के बाद प्रभु श्रीराम का विधिवत राज्याभिषेक सम्पन्न हुआ। इस दृश्य में मंच पर भक्ति, मर्यादा, संस्कृति और आदर्शों का समागम दिखाई दिया। श्रीराम के सिर पर मुकुट धारण कराने से पहले वैदिक मंत्रोच्चार हुआ और गुरु वशिष्ठ ने आशीर्वाद स्वरूप उन्हें धर्म, न्याय और करुणा का प्रतीक बनाकर अयोध्या का सम्राट घोषित किया।
संवादों और मंचन ने बांधा समां
अंतिम दिन के मंचन में संवादों की गूंज, भक्ति संगीत और नाटकीय प्रस्तुति ने दर्शकों को अभिभूत कर दिया। उपस्थित श्रद्धालु घंटों तक भावविभोर होकर श्रीराम की लीलाओं को निहारते रहे।
श्रद्धालुओं ने की भूरी-भूरी प्रशंसा
पूरे आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में नवगछिया सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु उपस्थित रहे। रामलीला मंडल की प्रस्तुति, कलाकारों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति और संगीतमय संवादों ने सभी को श्रीराम के आदर्शों की ओर आकर्षित किया। आयोजन की सफलता पर आयोजन समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने आयोजकों का आभार जताया।












