



नवगछिया पुलिस जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत डुमरिया गांव में रविवार की अहले सुबह एक दर्दनाक दृश्य सामने आया, जब राहगीरों ने सड़क किनारे झाड़ी में एक नवजात बच्ची को पड़ा हुआ देखा। सूचना पर तुरंत सक्रिय हुई डायल 112 की पुलिस टीम ने बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), गोपालपुर पहुंचाया।
सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे सरकारी एम्बुलेंस से भागलपुर के लोकनायक जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने बच्ची को भर्ती लेने से इनकार कर दिया। इस बात की जानकारी एम्बुलेंस चालक ने गोपालपुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार को दी।

इसके बाद डॉ. कुमार ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को मोबाइल के माध्यम से सूचना दी। वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बच्ची को सदर अस्पताल में भर्ती किया गया और तुरंत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार सीएचसी से सदर अस्पताल ही रेफर किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में एक नवजात की समय पर इलाज न मिलने के कारण मृत्यु हो चुकी है, जिससे सबक लेते हुए इस बार त्वरित कार्रवाई की गई।

सदर अस्पताल के मैनेजर आशुतोष कुमार ने बताया कि बच्ची का वजन मात्र 1 किलो 110 ग्राम था और अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसलिए उसे भर्ती नहीं किया गया। लेकिन वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उसे भर्ती कर मायागंज अस्पताल भेज दिया गया।












