


भागलपुर। भीषण शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्कूल और कॉलेजों के समय में बदलाव तो किया गया है, लेकिन आम लोगों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक अन्य इंतजामों की कमी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। इसके कारण खासकर सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
जगदीशपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाईपास थाना के समीप स्थित रिक्शाडीह अस्थायी बस स्टैंड पर अब तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि यह बस स्टैंड प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख केंद्र माना जाता है। अलाव की व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों, राहगीरों तथा विशेष रूप से गरीब, मजदूर और दैनिक यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रात के समय बस का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए ठंड से बचाव का कोई प्रभावी साधन उपलब्ध नहीं है। कई यात्री खुले आसमान के नीचे ठिठुरते हुए समय बिताने को मजबूर हैं। ऐसे में अलाव ही ठंड से राहत का एकमात्र सहारा होता है, लेकिन उसकी अनुपस्थिति ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
इन दिनों पूरे बिहार में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सर्द पछुआ हवाओं के कारण कनकनी बढ़ गई है। बीती रात 13 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने हालात को और भी गंभीर बना दिया।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रिक्शाडीह अस्थायी बस स्टैंड समेत सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंडों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में शीघ्र अलाव की व्यवस्था की जाए, ताकि आम जनता को ठंड से राहत मिल सके और शीतलहर के प्रकोप से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।












