



जुबेर टॉप की रक्षा करते हुए दी थी वीरगति, परिवार को अब भी न्याय का इंतजार
नवगछिया: कारगिल विजय दिवस पर पूरा देश उन वीर शहीदों को याद कर रहा है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। नवगछिया पुलिस जिला के गोपालपुर प्रखंड स्थित तिरासी गांव निवासी हवलदार रतन सिंह भी उन्हीं में से एक थे, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में अदम्य साहस दिखाते हुए शहादत दी थी।
29 जून 1999 की मध्यरात्रि को बिहार रेजीमेंट को कारगिल क्षेत्र में जुबेर टॉप नामक पोस्ट की रक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। हवलदार रतन सिंह ने दुश्मनों से लोहा लेते हुए अपने साथियों के साथ पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार भगाया। 2 जुलाई को हुई जबरदस्त गोलीबारी में भारतीय सेना ने दो पाकिस्तानी कमांडो सहित कई दुश्मनों को ढेर कर दिया। इसी संघर्ष में हवलदार रतन सिंह देश के लिए वीरगति को प्राप्त हुए।

उनकी वीरता की चर्चा आज भी क्षेत्र में सम्मान के साथ होती है। शहादत के बाद सरकार की ओर से परिवार को सहायता देने की घोषणा की गई थी। छोटे पुत्र मंजेश कुमार को गैस एजेंसी आवंटित की गई, जिसे वे पूर्णिया में चला रहे हैं। बड़े पुत्र रूपेश कुमार तिरासी गांव के उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शिक्षक हैं और प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
हालांकि, सरकार द्वारा आवंटित ज़मीन पर अब तक प्रशासनिक दखल नहीं मिल पाया है। वर्षों बीत जाने के बावजूद शहीद परिवार को उसका अधिकार नहीं मिल सका है, जो बेहद चिंताजनक है।
कारगिल दिवस पर पूरा क्षेत्र हवलदार रतन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। उनकी वीरता और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।













