



नवगछिया : बिहार के कटिहार–बरौनी रेलखंड पर शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा हो गया। अवध-असम एक्सप्रेस (15610) ट्रेन काढ़ागोला और सेमापुर स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर चल रही मोटर ट्रॉली से टकरा गई। इस हादसे में ट्रॉली पर सवार नवगछिया रंगरा थाना क्षेत्र के चापर गांव निवासी प्रमोद यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य रेलकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा :
हादसा उस समय हुआ जब ट्रॉली पर सवार होकर रेलकर्मी पटरी का निरीक्षण कर रहे थे। प्रमोद यादव एसएसई इडब्लू धनंजय कुमार, टीएम फोर सूरज कुमार यादव, टीएम थर्ड आदित्य कुमार और टीएम टू मनोज कुमार मंडल के साथ मिलकर ट्रैक की जांच के लिए निकले थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही अवध-असम एक्सप्रेस ने महारानी गांव के पास ट्रॉली को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रॉली के परखच्चे उड़ गए।

मौके पर मची अफरा-तफरी, राहत कार्य शुरू
हादसे के बाद ट्रैक पर अफरा-तफरी मच गई। घायल रेलकर्मियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए काढ़ागोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतक प्रमोद यादव स्वर्गीय महेंद्र यादव के पुत्र थे। उन्होंने वर्ष 2011 में बख्तियारपुर से ग्रुप डी की नौकरी ज्वाइन की थी और हाल ही में कुर्सेला में उनकी पोस्टिंग हुई थी।
रेलवे की लापरवाही पर उठे सवाल

हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा बेहद भयानक था और बचाव दल को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब ट्रैक पर ट्रेन आ रही थी तो ट्रॉली वहां कैसे पहुंची? यह मानवीय त्रुटि थी या तकनीकी चूक – इसकी जांच अब रेलवे को करनी होगी।
रेलवे का बयान और जांच के आदेश
कटिहार मंडल के एडीआरएम मनोज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के बाद कटिहार से राहत व मेडिकल टीम भेजी गई। ट्रॉली को हटा कर रेल यातायात बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल स्थिति
घायल रेलकर्मियों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। रेलवे ने अपने स्तर पर जांच प्रारंभ कर दी है तथा संबंधित अधिकारियों को ट्रैक पर कार्य के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश भी दिया गया है।

यह दुर्घटना न केवल एक रेलकर्मी की जान ले गई, बल्कि रेल प्रणाली की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा कर गई है। अब देखना होगा कि रेलवे इस हादसे से क्या सबक लेता है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाता है।













