


नवगछिया। मदन अहल्या महिला महाविद्यालय, नवगछिया के सांस्कृतिक परिषद एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में 27 फरवरी 2026 को वृहत वसंतोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरे परिसर में उत्सव, उमंग और सांस्कृतिक रंगों का मनोहारी वातावरण देखने को मिला।
त्रिसत्रीय कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने नृत्य और गायन की एकल एवं सामूहिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। आधुनिक गीतों के साथ-साथ शास्त्रीय नृत्य एवं लोकनृत्य की विविध विधाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। मिथिलांचल मिक्स भाविका समूह, चेतना ठाकुर समूह, अदिति कुमारी समूह सहित अन्य छात्रा समूहों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों और श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक अभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अवधेश रजक ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वसंत ऋतु नवजागरण और नवचेतना का प्रतीक है। यह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और निरंतर गतिशीलता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को विकसित करते हैं तथा शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय स्थापित करते हैं।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि वसंतोत्सव अंग प्रदेश और मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का उत्सव है। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से सहज रूप से जुड़ती है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि सांस्कृतिक चेतना निरंतर सशक्त हो रही है।
डॉ. राजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में वसंतोत्सव मनाने की परंपरा भारतीय ज्ञान संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है कि छात्राओं को शिक्षा के साथ भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा जाए, और इसी उद्देश्य से इस वसंतोत्सव का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू कुमारी सहित डॉ. धर्मेंद्र दास, डॉ. अनुराधा देवी, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. टीना ट्विंकल, डॉ. नेहा रागिनी, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. राजेंद्र यादव, डॉ. आदित्य कुमार, डॉ. शैलेश कुमार समेत महाविद्यालय के सभी सेवानिवृत्त एवं वर्तमान शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्राओं की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।













