


भागलपुर । जिले में पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से मद्य-निषेध विभाग, भागलपुर द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मद्य-निषेध थाना, नवगछिया की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में अवैध विदेशी शराब की भारी खेप बरामद की गई है।
जानकारी के अनुसार मद्य-निषेध थाना, नवगछिया की पुलिस टीम ने झंडापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दयालपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक अशोक लेलैंड कंपनी के छह चक्का ट्रक को संदेह के आधार पर रोका गया। ट्रक की विधिवत तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई अवैध विदेशी शराब की कुल मात्रा 872.64 लीटर बरामद की गई। बरामद शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 10 लाख 46 हजार 400 रुपये आंकी गई है।
मौके से पुलिस ने दो शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 47 निवासी गुलशेर, पिता समेद्दी, तथा बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ढोली सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रूपन पट्टी वार्ड संख्या 8 निवासी विकास कुमार, पिता स्वर्गीय चंदेश्वर राम के रूप में की गई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस अवैध शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी प्राप्त की जा सके।
इस सफल कार्रवाई का नेतृत्व मद्य-निषेध थाना के थानाध्यक्ष द्वारा किया गया। अभियान में अवर निरीक्षक मद्य-निषेध राजू कुमार, सहायक अवर निरीक्षक मद्य-निषेध देवानंद मांझी, मद्य-निषेध सिपाही तथा गृह रक्षक बल के जवान सक्रिय रूप से शामिल रहे। पुलिस टीम की सतर्कता और तत्परता से इतनी बड़ी खेप को जिले में प्रवेश करने से पहले ही पकड़ लिया गया।
मद्य-निषेध विभाग, भागलपुर के अधिकारियों ने बताया कि जिले में शराबबंदी को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध लगातार छापेमारी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रकार की कार्रवाइयों से शराब तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
फिलहाल दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध मद्य-निषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जब्त ट्रक और शराब को मद्य-निषेध थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि शराब से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या मद्य-निषेध विभाग को दें, ताकि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।












