


नवगछिया ।
नवगछिया महिला थाना में शुक्रवार को एक अनोखा, संवेदनशील और सराहनीय दृश्य देखने को मिला, जब प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद का समाधान आपसी सहमति से करते हुए थाना परिसर में ही मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार निकाह संपन्न कराया गया। इस पूरे मामले में महिला थाना पुलिस की भूमिका निर्णायक और प्रशंसनीय रही।
जानकारी के अनुसार, प्रेम संबंध को लेकर उत्पन्न विवाद के कारण एक युवती नवगछिया महिला थाना पहुंची और लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। आवेदन मिलने के बाद महिला थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए युवक पक्ष को भी थाना बुलाया। इसके बाद थाना परिसर में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

महिला थानाध्यक्ष ने संयम, संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया और उन्हें आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए प्रेरित किया। काउंसिलिंग के दौरान सामने आया कि इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर निवासी मु. मिन्हाज आलम और भवानीपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर बलाहा निवासी शहजादी खातून के बीच पहले से ही पारिवारिक स्तर पर विवाह की बातचीत तय हो चुकी थी। बाद में दहेज की मांग को लेकर दोनों परिवारों के बीच मतभेद बढ़ गया, जिससे रिश्ते में दूरी आ गई।

इसी दौरान युवक और युवती के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई और दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से भी संपर्क में रहे। दोनों बालिग थे, लेकिन पारिवारिक दबाव के चलते युवक विवाह को लेकर टालमटोल करने लगा और अंततः शादी से इंकार कर दिया। इससे आहत होकर युवती ने महिला थाना का सहारा लिया।
महिला थाना में लगातार चली काउंसिलिंग और समझाइश के बाद अंततः दोनों परिवार विवाह के लिए सहमत हो गए। इसके बाद युवक पक्ष के परिजन लक्ष्मीपुर गांव से मौलाना को थाना परिसर में बुलाकर लाए। गवाहों की उपस्थिति में मौलाना ने युवती से निकाह की अनुमति ली और मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार विधिवत निकाह संपन्न कराया गया।

निकाह के बाद उपस्थित लोगों ने नवदंपती को मुबारकबाद दी। इसके पश्चात महिला थाना परिसर से ही युवती की विदाई युवक के साथ कराई गई। मौके पर मौजूद महिला थानाध्यक्ष एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने नवदंपती को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना की।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने महिला थाना पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि समय पर किए गए संवेदनशील हस्तक्षेप और समझदारी भरे प्रयास से न केवल एक गंभीर विवाद सुलझा, बल्कि एक परिवार भी बस सका।















