



बिहार में स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवकों को आर्थिक मदद के साथ मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
साल में 5 लाख बेरोजगार युवाओं को मासिक भत्ता के साथ रोजगार प्रशिक्षण देगी सरकार
खर्च होंगे लगभग 600 करोड़
भागलपुर । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर कमल से मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री निश्चय सहायता भत्ता योजना का लाभ अब स्नातक उत्तीर्ण युवा-युवतियों को भी दिया जाएगा, जिसका शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भागलपुर के समीक्षा भवन में दिखलाया गया। इस अवसर पर भागलपुर के उपविकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, जिला योजना पदाधिकारी मोनू कुमार, जिला प्रबंधक डीआरसीसी भागलपुर एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे मुख्यमंत्री सात निश्चय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को और अधिक प्रभावी बनाते हुए अब स्नातक (कला, विज्ञान, वाणिज्य) उत्तीर्ण युवाओं को भी योजना में शामिल कर लिया गया है। बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उन्हें रोजगार या स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। योजना के अंतर्गत 20-25 वर्ष के आयु वर्ग के वे युवक-युवतियाँ जो स्नातक उत्तीर्ण हैं, बेरोजगार हैं, अध्ययनरत नहीं हैं और किसी सरकारी या निजी नौकरी में नहीं हैं, वे इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

योजना के तहत लाभार्थियों को स्वयं सहायता भत्ता के रूप में प्रति माह 1,000 रुपए दिए जाएंगे, जो अधिकतम 2 वर्षों तक जारी रहेगा। इसके साथ ही श्रम संसाधन विभाग, बिहार द्वारा नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि युवा रोजगार या स्वरोजगार के योग्य बन सकें। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख लाभार्थियों को योजना का लाभ पहुँचाना है, जिस पर अनुमानित व्यय 600 करोड़ रुपए प्रति वर्ष है। डीआरसीसी के अधिकारी ने बताया कि यह योजना 02 अक्टूबर 2016 से लागू है।
















