


नवगछिया प्रखंड के नगरह गांव में सनातन परंपरा, सादगी और श्रद्धा भाव के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली गई। यह यात्रा पूरे अनुशासन और धार्मिक मर्यादा के साथ संपन्न हुई।
विशेष बात यह रही कि गांव के सभी टोलों और मोहल्लों से लोग एक साथ सामूहिक रूप से विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने मां सरस्वती की विदाई में सहभागिता निभाई।

सनातन सेवा समिति नगरह के सदस्य विहान सिंह राजपूत ने बताया कि विसर्जन यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के अश्लील या आपत्तिजनक गीतों का प्रयोग नहीं किया गया। “अपनी संस्कृति, अपनी पहचान” के संकल्प के साथ धार्मिक मर्यादा और सामाजिक संस्कारों का पालन करते हुए विसर्जन संपन्न कराया गया, जो समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।

उन्होंने बताया कि गांव के सभी युवा पूरी एकजुटता, जिम्मेदारी और उत्साह के साथ इस आयोजन में शामिल हुए। श्रद्धा और अनुशासन के साथ निकाली गई यह विसर्जन यात्रा सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनी।














