



नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में इमरजेंसी सेवा की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। जहर सेवन किए एक मरीज को लेकर परिजन इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए भटकते रहे, जबकि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अस्पताल परिसर से बाहर चौराहे पर चाय पीते पाए गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमरजेंसी में मरीज दर्द से कराह रहा था और परिजन चिकित्सक की तलाश करते रहे, लेकिन काफी देर तक डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इस दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलने पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि संबंधित चिकित्सक बिना अनुमति ड्यूटी छोड़कर बाहर गए थे। उपाधीक्षक द्वारा फोन किए जाने पर चिकित्सक अस्पताल पहुंचे, जहां दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई।
डॉक्टरों के बीच हुई नोकझोंक को देखकर मरीज के परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी जैसी सेवा में इस तरह की लापरवाही मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है। कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित चिकित्सक डॉ. अफजल के खिलाफ पहले भी इमरजेंसी ड्यूटी छोड़ने की शिकायतें मिल चुकी हैं। कुछ दिन पहले उनका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे ड्यूटी के दौरान निजी क्लीनिक में मरीज देखते नजर आए थे।
उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। चिकित्सक के आचरण और ड्यूटी से अनुपस्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर रिपोर्ट भेजी जाएगी और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
इस घटना के बाद सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं की निगरानी और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।














