



नवगछिया :
बीते रात 17 सितम्बर 2025 को नवगछिया क्षेत्र के इस्माईलपुर भिट्ठा गाँव एक भयावह एंबुलेंस दुर्घटना घटी, जिसमें मौत की साया हर पल मंडरा रही थी। इसी संकट के समय, गाँव के कुछ साहसी युवाओं ने डर को पीछे छोड़ते हुए मानवता का परचम लहराया।

जैसे ही दुर्घटना की खबर पहुंची, इन युवाओं ने मौके पर पहुँचकर अपनी जान की परवाह किए बिना एंबुलेंस में फंसे घायल लोगों की मदद की। इनके प्रयास और तेज़ निर्णय क्षमता के कारण सात जिंदगियाँ मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाली गईं।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि असली नायक वह नहीं होता जो फिल्मों में दिखता है, बल्कि वह होता है जो बिना नाम, बिना शोहरत, केवल अपने कर्मों और साहस से इतिहास रचता है।
गाँव के लोगों का कहना है कि ऐसे वीर हमारी मिट्टी का गर्व हैं और उनकी हिम्मत सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है। इस घटना ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और दूसरों की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य है।













