



तेज धुएं से मची अफरा-तफरी, बड़ा हादसा टला
नवगछिया एनएच 31 के मकंदपुर चौक पर मंगलवार शाम लगभग साढ़े सात बजे बिहार राज्य परिवहन निगम (BSRTC) की एक बस में तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। तेज धुएं के कारण यात्री घबराए हुए थे, लेकिन समय रहते बस के चालक और सहायक चालक की सूझबूझ ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। यह घटना उस समय हुई जब भागलपुर से पूर्णिया जा रही एक अंडरटेकिंग बस (BBR01PL7632) के पिछले बाएं चक्के से अचानक तेज धुआं निकलने लगा, और देखते ही देखते यह धुआं बस के अंदर भी फैलने लगा।
तेज धुएं के कारण मची अफरा-तफरी
बस के भीतर धुआं फैलने पर यात्रियों में डर का माहौल बन गया और उनमें से कुछ ने शोर मचाना शुरू कर दिया। धुएं की वजह से बस में बैठी करीब 70 यात्री घबराकर एक दूसरे से संपर्क करने लगे और हड़बड़ी में कुछ यात्री घायल भी हो गए। तुरंत ही बस को मकंदपुर चौक पर रोका गया। जैसे ही बस रुकी, चालक और सहायक चालक ने स्थिति को समझते हुए उचित कदम उठाए और यात्रियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

चालक और सहायक चालक की सूझबूझ से टला हादसा
बस के चालक ने बताया कि जैसे ही धुआं देखा, उन्होंने बिना देर किए बस को रोका और यात्रियों को बाहर निकालने के लिए तत्काल कदम उठाए। बस के उपचालक ने भी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए रॉटर सिस्टम में आई खराबी को ठीक करने के लिए एक बाल्टी पानी लिया और उसे टायर के बीच डाला, जिससे धुआं कम हुआ। चालक और सहायक चालक की सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
यात्रियों का बयान: “बस में आग लगने का डर था”
बस के यात्री जितेंद्र कुमार, जो बस के ठीक चक्के के ऊपर बैठे थे, ने कहा, “तेज धुएं के कारण हम सभी काफी डर गए थे। हमें ऐसा लग रहा था कि कहीं बस में आग न लग जाए, लेकिन चालक और सहायक चालक की तत्परता के कारण बड़ी घटना नहीं घटी।” जितेंद्र के अनुसार, सभी यात्री शोर मचाने लगे थे और किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। शुक्र है कि चालक और सहायक चालक की सूझबूझ से स्थिति नियंत्रण में आ सकी।

बस का रूट और यात्री संख्या
यह बस नवगछिया बस स्टैंड से खुली थी और तिलका मांझी डिपो से भागलपुर से पूर्णिया के लिए जा रही थी। घटना के समय बस में लगभग 70 लोग सवार थे। इस घटना के बाद सभी यात्री राहत की सांस ले रहे थे कि समय रहते बस में आग नहीं लगी।
अधिकारियों से कार्रवाई की उम्मीद
इस घटना के बाद अब स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग से उम्मीद जताई जा रही है कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच करेंगे और भविष्य में ऐसी तकनीकी खराबियों से बचने के लिए कड़े कदम उठाएंगे। यात्री असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उनसे यह भी अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे तकनीकी खामियों से अवगत कराएं ताकि आगे से ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
नवगछिया में हुई इस घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, समय रहते चालक और सहायक चालक की समझदारी से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है।












