



नवगछिया : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, भागलपुर शाखा द्वारा नवगछिया में अनीता दीदी जी के नेतृत्व में “द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन मेला” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आज संध्या प्रवचन में बी.के. शशी बहन ने “जीवन में तनाव से मुक्ति” विषय पर चर्चा की।

बी.के. शशी बहन ने बताया कि वर्तमान समय में मानव जीवन में अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार सुख के साधन उपलब्ध होते हैं, फिर भी अधिकांश लोगों का जीवन तनावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज बच्चों तक में परीक्षा तनाव आम समस्या बन गई है। इसका मुख्य कारण यह है कि व्यक्ति स्व दर्शन और स्व चिंतन के बजाय दूसरों का दर्शन और चिंतन करते रहते हैं। परिणामस्वरूप मन में भय, अशांति और असुरक्षा का भाव उत्पन्न होता है।
शशी बहन ने तनाव से मुक्ति का सरल उपाय बताते हुए कहा कि नित्य अपने आप का चिंतन करना चाहिए। यह समझना चाहिए कि “मैं शरीर से भिन्न चैतन्य आत्मा हूँ, मैं मन, बुद्धि और संस्कार सहित शक्ति सम्पन्न आत्मा हूँ। मैं वह शक्ति हूँ जो घर, ऑफिस और लोगों का ध्यान रखती है। मेरा हर संकल्प शक्ति शाली, शुद्ध और सकारात्मक है।” इस प्रकार निरंतर स्व चिंतन करने से व्यक्ति तनाव मुक्त और मानसिक रूप से सशक्त बनता है।

बी.के. रत्ना बहन ने परमात्मा का परिचय देते हुए बताया कि परमात्मा का रूप ज्योति-बिन्दु है। वे सर्वशक्तिमान, शांति और आनंद के सागर, परम पवित्र और प्रेमस्वरूप हैं। परमात्मा का स्वरूप ध्यान में रखते रहने से आत्मा शक्तिशाली बनती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

इस अवसर पर बी.के. मनोज, मीडिया प्रभारी ने जानकारी दी कि आगामी राजयोग शिविर 8 फरवरी से 10 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। शिविर दो सत्रों में होगा — सुबह 8 बजे से 9 बजे और संध्या 6 बजे से 7 बजे। शिविर में शामिल होना निःशुल्क है।
राजयोग शिविर का आयोजन प्रोफेसर कॉलोनी, प्रो. विष्णु देव के भवन में स्थित स्थानीय सेवा केन्द्र पर किया जाएगा।
इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक शांति, आत्मसाक्षात्कार और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
















