


नवगछिया प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित एक प्राचीन तालाब के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। वर्तमान में यह तालाब अत्यंत जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, जिससे न तो इसकी ऐतिहासिक पहचान उभर पा रही है और न ही इसका समुचित उपयोग संभव हो पा रहा है।

इसी क्रम में भागलपुर जिला परिषद अध्यक्ष विपीन कुमार मंडल ने इस प्रस्ताव को लेकर भागलपुर के उप विकास आयुक्त को पत्र लिखकर तालाब के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं विकास की आवश्यकता से अवगत कराया है। पत्र में उन्होंने तालाब के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए शीघ्र प्रशासनिक एवं तकनीकी पहल करने का अनुरोध किया है।
इसके बाद जिला परिषद अध्यक्ष ने प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित उक्त प्राचीन तालाब का स्थल निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाब की वर्तमान स्थिति का गहन अवलोकन किया और अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों से इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन की दृष्टि से विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

प्रस्ताव के अनुसार तालाब का समुचित सौंदर्यीकरण कर इसका मुख्य प्रवेश मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-31 की ओर खोले जाने की योजना है, जिससे आमजन के लिए इसकी पहुंच अधिक सुगम हो सके। इसके साथ ही तालाब का नामकरण “बिहुला तालाब” किए जाने का सुझाव भी दिया गया है, जो नवगछिया की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाएगा।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि तालाब के विकास से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नया जीवन मिलेगा और यह स्थान भविष्य में एक प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में उभर सकेगा।












