


हर दिन फिसलन भरी सड़क पर हो रहे हादसे, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
नवगछिया। नवगछिया रेलवे फ्लाईओवर इन दिनों जानलेवा बनता जा रहा है। मकनपुर एनएच 31 से नवगछिया और नवगछिया से मकनपुर को जोड़ने वाला यह अत्यंत व्यस्त मार्ग भारी वाहनों, खासकर बालू और मिट्टी लदे ट्रेलरों की लगातार आवाजाही के कारण खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। ट्रेलरों से गिरने वाली बालू और मिट्टी फ्लाईओवर पर परत की तरह जम गई है, जिससे सड़क पर फिसलन बढ़ गई है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि इस मार्ग पर चलना जोखिम भरा हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जरा सी असावधानी या तेज रफ्तार के कारण वाहन फिसल रहे हैं और लोग घायल हो रहे हैं। हाल ही में एक पुलिसकर्मी अमन कुमार भी इसी फ्लाईओवर पर बाइक फिसलने से घायल हो गए, जिसने इस समस्या की गंभीरता को और उजागर कर दिया है।
यह फ्लाईओवर नवगछिया शहर का लाइफलाइन मार्ग माना जाता है। इसी रास्ते से अनुमंडल अस्पताल नवगछिया, नवगछिया टाउन थाना, महिला थाना नवगछिया, एससी-एसटी थाना नवगछिया, विभिन्न सरकारी कार्यालयों और मुख्य बाजार तक लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में इस मार्ग की बदहाल स्थिति आम जनजीवन के साथ-साथ आपात सेवाओं के लिए भी खतरा बन गई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन बनी हुई है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण फ्लाईओवर पर जमी बालू-मिट्टी की परत दिन-ब-दिन मोटी होती जा रही है। वहीं ओवरलोडेड और बिना ढके ट्रेलरों पर भी कोई सख्ती नहीं की जा रही है।
हालांकि नगर परिषद के पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सफाई कर्मियों को फ्लाईओवर की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खनन विभाग से समन्वय कर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि बालू और मिट्टी ले जाने वाले ट्रेलर ढककर चलें, ताकि सड़क पर गिरावट न हो।
इसके बावजूद लोगों का कहना है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जाएगा और नियमों का सख्ती से पालन नहीं कराया जाएगा, तब तक यह फ्लाईओवर यूं ही हादसों का गवाह बनता रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि आने वाले समय में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।















